सोमवार, 28 सितंबर 2020

self value😎😎😎


खुद की कीमत (सेल्फ वैल्यू) 
दुनिया में हर चीज की कीमत होती हैं , यह बात सब को पता है।  हर चीज की कीमत भी तय की जा सकती हैं , कीमत बदली भी  जा सकती  हैं और अपने अनुसार कीमत रखी भी। जा सकती हैं। एक व्यक्ति खुद  तो  दूसरों के लिए कीमत रख सकता है लेकिन क्या उसको खुद की कीमत का पता होता है ,तो आज एक कहानी के माध्यम से पता करते हैं खुद की कीमत क्या होती हैं।
                          एक लड़का होता है जो अपने पापा के पास आकर उनसे कहता है कि पापा मुझे आपसे कुछ पूछना चाहता हूं ,आप मेरे एक सवाल का जवाब दीजिए । उस लड़के के पिता ने कहा कि पूछो , लड़का अपने पिता से पूछता है कि "पापा क्या आप मेरी वैल्यू मुझे बता सकते हैं?"  लड़के के पिता कुछ समय के लिए चुप रहे वह कुछ बोले नहीं । कुछ समय बाद लड़के के पिता ने  उसे बुलाया और उसे एक पत्थर दिया और कहा कि जाओ इसे तुम्हे बेचना है ।  जब भी कोई तुमसे ये पत्थर की कीमत पूछे तो तुम चुप रहना और अपनी दो उंगलियां खड़ी कर देना है। लड़का पत्थर लेकर बाज़ार में गया उसे बेचने के लिए और वहां वह काफी समय तक खड़ा रहा और कोई नहीं आया  उस पत्थर को खरीदने । आखिर में एक बुढिया औरत आती हैं उस लड़के के पास और उससे उस पत्थर की कीमत पूछती हैं । लड़का अपने पिता के कहे अनुसार कुछ नहीं बोलता है और सिर्फ अपनी दो उंगलियां खड़ी कर देता हैं । बुढिया औरत उस लड़के को बोलती हैं कि इस पत्थर के मै तुम्हे 200 रुपए देती हूं और तुम मुझे ये पत्थर दे दो। लड़का दौड़ता हुआ अपने पिता के पास आता है और अपने पिता से कहता है कि बाजार में एक बुढिया थी जो इस पत्थर के 200 रुपए दें रही थी । एक बार फिर लड़के के पिता ने उसे उस पत्थर को बेचने को बोला और कहा कि अबकी बार तुम इस पत्थर को लेकर  म्यूजियम में जाओ । लड़का पत्थर लेकर म्यूजियम में जाता है और वह पर वह खड़ा हो जाता है उस पत्थर को हाथ में लेकर  कुछ समय बाद  उस म्यूजियम के मालिक की उस लड़के पर नज़र पड़ती हैं और वह उस लड़के के पास जाता है । वह उस लड़के से उसके हाथ में जो पत्थर होता है उसकी कीमत उससे पूछता है ।लड़का पहले कि तरह कुछ नहीं बोलता है और उस म्यूजियम के मालिक के कीमत पूछे जाने पर वह अपनी दो उंगलियां खड़ी कर देता है , म्यूजियम का मालिक दो उंगलियां देखकर संकोच में पड़ जाता है और वह उस लड़के को उस पत्थर की कीमत 20000 हजार रूपए देने के लिए राजी हो जाता है । लड़का दौड़ता हुआ फिर  से अपने पिता के पास आकर बोलता है कि म्यूजियम में उस पत्थर के उसे 20000 हजार रुपए मिल रहे थे । लड़के के पिता ने उससे कहा कि अब मैं तुम्हे आखिरी जगह भेज रहा हूं इस पत्थर को बेचने के लिए  इस बार तुम्हे ये पत्थर लेकर कीमती पत्थरों की दुकान पर जाना हैं । लड़का अपने पिता के कहे अनुसार कीमती पत्थरों की दुकान पर  गया उस पत्थर को लेकर और वहां वह पत्थर लेकर खड़ा हो गया बेचने के लिए ।काफी समय के बाद एक बूढ़ा आदमी आता है  दुकान के अंदर से और उसकी नजर उस लड़के पर पड़ती है और वह उसके पास  जाता है और उसके हाथ में  वह पत्थर देखकर बोलता की  इस पत्थर की मुझे बहुत वर्षों से तलाश थी  ये पत्थर तुम्हारे पास कहां से आया  । वह बूढ़ा आदमी उस लड़के से उस पत्थर की कीमत पूछता है और लड़का कुछ नहीं बोलता है और सिर्फ अपनी दो उंगलियां खड़ी कर देता हैं उसके सामने । वह बूढ़ा आदमी भी संकोच में पड़ जाता ।  वह बूढ़ा आदमी उस लडके को बोलता है कि "मैं तुम्हे इस पत्थर के 200000 लाख रूपए देता हूं तुम मुझे ये पत्थर दे दो । लड़का फिर से अपने पिता के पास आता है और बोलता है कि  कीमती पत्थरों की दुकान पर मुझे एक बूढ़ा आदमी मिला और वह इस पत्थर के 200000 लाख रुपए देने को तैयार था । लड़के के पिता ने लड़के से  कहा कि   अब मैं तुम्हारे सवाल का जवाब देता हूं  । लड़के के पिता कहते हैं कि जब तुम पहली बार इस पत्थर को लेकर बाजार में गए तब तुम्हे कोई इसकी कीमत 200 रुपए देने को तैयार था । लेकिन जब तुम  इस पत्थर को लेकर म्यूजियम में गए तब इस पत्थर के तुम्हे कोई 20000  हजार रूपए दे रहा था और आखिर में जब तुम इस पत्थर को लेकर कीमती पत्थरों की दुकान पर गए  तो तुम्हे इसकी कीमत 200000  लाख रूपए मिल रही थी। लड़के के पिता उस लड़के से कहते हैं कि  तुमने पत्थर को तीन जगह रखा तो उसकी कीमत अलग - अलग  हो गई । इसी प्रकार तुम्हारी भी यह कीमत हैं कि तुम अपने आप को जीवन  कहां रखते  हो  वहीं तुम्हारी  कीमत होगी  ।  
        
#  जीवन में तुम अपने आप को किन लोगो के साथ में रखते हो कहां रखते हो  वहीं तुम्हारी कीमत होगी । 


शुक्रवार, 25 सितंबर 2020

Be enthusiastic about your work😊😊


इंसान  का नाम  बड़ा होता है उसके काम की वजह से वरना  एक ही नाम के तो बहुत इंसान होते हैं । आज एक कहानी बताऊंगा जो आपको अपने काम  के लिए आपको कभी निराश नहीं होने देगी । कहानी एक ऐसी चीज है जो हमें जरूरत के समय या किसी मुश्किल के समय या जब हम अपने काम के प्रति निराश हो जाए  तब हमें याद आती है ।उस कहानी का मेसेज / मोरल हमारे दिमाग में हमेशा रहता है। कहानी को भूला नहीं जा सकता क्योंकि वह जीवन के किसी ने किसी हिस्से या समस्या या मुश्किल के दौर से जुड़ी रहती हैं। यह कहानी एक लड़के की जो अपने काम के प्रति बहुत ही उत्साही होता है । जो व्यक्ति अपने काम को लेकर उत्साही होता है उसकी जरूरत सबको होती हैं । एक बार वह लड़का एक टेलीफोन बूथ पर गया । जहां पास में कैश काउंटर होता और दुकानदार बैठा होता है । लड़का नंबर मिलाता  है । पास ही में एक दुकान का मालिक होता है वह उसको देख रहा होता है  उसको ऑब्जर्व करता है , उसकी बाते सुन रहा होता है । लड़का "हैलो" बोलता है सामने कॉल पर एक लेडी होती हैं  और उसका भी ज़वाब आता है , लड़का उससे कहता है कि क्या आप मुझे नौकरी दे सकती हो आपके बगीचे की कटाई  की , लड़का बोलता है मै बहुत ही अच्छा लॉन कटिंग करता हूं मुझे इसका अनुभव भी है तो आप मुझे नौकरी पर रख लो । वह लेडी उस मना कर देती है और बोलती है कि हमारे पास पहले से ही एक लड़का है जो यह काम काफी अच्छे तरीके से कर रहा है । लड़का कहता है कि मेरा काम उस लड़के  के काम से काफी अच्छा होगा , अभी आप उस लड़के को जितना वेतन दे रहे हो मुझे उसका आधा ही देना । लेडी बोली कि वो लड़का जो काम करता है उससे हम संतुष्ट हैं हमें कोई और लड़का नहीं चाहिए ।लड़का एक महीने फ्री में काम करने का बोलता है महिला उसे फिर से मना कर देती है । वह लड़का अपने काम में फिर से नई वैल्यू जोड़ता है और बोलता है कि मै लॉन की कटिंग के साथ आपके घर की भी सफाई  कर दूंगा और महिला बोलती हैं कि "नो थैंक्स " हमें कोई जरूरत नहीं है । रिजेक्ट होने के बाद लड़का हंसते हुए फोन रख देता हैं और जो टेलीफोन बूथ  मालिक होता है वह  उस लड़के से कहता है कि  मुझे आपका ऐटिट्यूड बहुत  पसंद आया । आप एक के बाद एक चीजें जोड़ते जा रहे थे कि मै आपके लिए ये कर दूंगा ,वो कर दूंगा । आप काम के लिए उत्साही हो मुझे ऐसे ही व्यक्ति की जरूरत है अपनी दुकान पर आप मेरे यहां जॉब कर लो मै आपको उस महिला से अच्छी वेतन दूंगा । लड़का बोलता "नो थैंक्स" और लड़का दुकानदार को मना कर देता है। दुकानदार उस लड़के से कहता है कि आप वहां तो जिद कर रहे थे और आप था मना कर रहे जबकि मै ज्यादा पैसे  दे रहा हूं फिर भी । लड़के ने कहा जो कुछ भी दुकानदार भी सुन कर कुछ समय के लिए चुप हो गया । लड़के ने दुकानदार से कहा कि मै उसी महिला के वहां काम करता हूं जो यह बोल रही थी कि हमारे पास अच्छा काम करने वाला लड़का है वो लड़का मैं ही हूं । मैं अनजान नंबर से फोन करके अपनी परफॉर्मेंस चेक कर रहा  था । मैं खुद को परख रहा था कि क्या लोग मेरे काम से संतुष्ट हैं या नहीं , क्या वह दूसरे लड़के की तलाश  में हैं या मुझे छोड़ना ही नहीं चाहते । उस महिला ने मुझे मना करके मेरे काम की और वैल्यू बढ़ा दी ।     

                                      जो लोग अपने काम के प्रति उत्साही होंगे दुनिया उसे कभी नहीं छोड़ेगी, क्योंकि दुनिया को लोगो का पता है कि  ऐसे लोग काम जो काम के प्रति उत्साही होते  वो कम ही मिलते हैं।

मंगलवार, 22 सितंबर 2020

# Be happy😊 always yourself . Believe in yourself 😊

खुद से मिल रही हूं। 

बड़े दिनों से खुद से ही 
बाते कर रही हूं मै ,
खुद में ही गुम हूं और 
खुद से मिल रही हूं मै।
    ये मै ही तो हूं जो
    मेरी हर जीत पर अपनी 
    पीठ थपथपापाया करती हूं,
    हर गम में भी अपने साथ 
    साथ चल रही हूं मै,
    खुद में गुम हूं और 
    खुद से ही मिल रही हूं मै।
कोई है जो मुझे मेरी 
हर कमी बताती हैं,
कोने कोने से मुझे 
हीरा बनाती हैं ,
मैं अपना जौहरी खुद हूं, 
खुद को तराश रही हूं,
खुद में ही गुम हूं और 
खुद से ही मिल रही हूं मै।
      मैं ताकत हूं मेरी ,
      हूं मैं ही अपना सहारा भी,
      मैं खुद ही में सागर हूं और,
      अपना किनारा भी हूं मैं ,
      हवाओं पर चल कर ,
      लहर बन रही हूं मै ,
      खुद में ही गुम हूं  और 
      खुद से ही मिल रही हूं मैं।
शून्य से निकलकर आज 
सम्पूर्ण बन रही हूं मैं , 
खुद में ही गुम हूं और,
खुद से ही मिल रही हूं मैं।   # JP

रविवार, 20 सितंबर 2020

Value of time 🕑🕑

वक्त कहता है मै  फिर नहीं आऊंगा ,
  मुझे खुद नहीं पता कि मैं  तुझे,
   हसाऊंगा या रुलाऊंगा ,
जीना है तो इस पल को जी ले ,
क्योंकि मै किसी भी हाल में इस
पल को अगले पल तक रोक न पाऊंगा।
          मैं चलता रहूंगा , चलता ही रहूंगा,
         जिसने भी मेरी कीमत समझी मै 
         उसका हो जाऊंगा , उसका हो जाऊंगा,
         मैं वक्त हूं चलता रहूंगा , चलता ही रहूंगा।
 जिसने मेरा हाथ पकड़ लिया , जिसने मुझे समझ 
 लिया ,   मेरे साथ चलना सीख लिया जिसने ,
 उसे  उसकी मंजिल तक पहुंचा दूंगा मै,
मैं वक्त हूं चलता रहूंगा, चलता ही रहूंगा।
           मैं वक्त हूं मैने कभी  किसी का इंतजार नहीं किया,
           तू क्यों हर किसी का इंतजार करता है तू मेरे साथ
           चल  एक दिन लोग तेरा इंतजार करेंगे , तू  मेरे साथ             चल  एक दिन जब तुझे पता चलेगा तू कहां  था ,
           और आज तू कहां हैं और कल कहां होगा यह मै
           बताऊंगा तुझे एक दिन जब तू मेरे साथ चलेगा ,
            मैं वक्त हूं चलता रहूंगा और चलता ही रहूंगा।
भर ले अपने सपनों की उड़ान आज ही मेरे साथ,
 तू कहीं मेरा इंतजार मत कर मै हर पल बिता जा 
 रहा हूं , आज चला गया हूं तो कल फिर नहीं आऊंगा,
 मैं वक्त हूं दोस्त चलता रहूंगा और चलता ही रहूंगा। 

मंगलवार, 23 जून 2020

वीर चक्र विजेता भागकर की गौरव गाथा। कारगिल युद्ध 12 जून 1999

वीर चक्र विजेता भागकर की गौरव गाथा, करगिल युद्ध में सबसे पहले 12 जून 1999 की रात को जीती थी तोलोलिंग पहाड़ी।


सेना का प्रक्रम देख तोलोलिंग से भाग छुटे थे पाकिस्तानी।
करगिल युद्ध में 1999 में तोलोलिंग पहाड़ी को दुश्मनों से मुक्त करवाते समय शहीद हुए। वो रावण के वीर चक्र विजेता सूबेदार भंवरलाल भाकर के 21 वें शहादत दिवस पर उनके ग्राम रेवड़ी में, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा होगी भागकर दो राजपूताना रायफल्स में सूबेदार थे। उन्होंने 12 जून 1999 की रात तोलोलिंग पर दुश्मनो के बंकरों को नष्ट कर अद्भुत शौर्य दिखाया था।

तोलोलिंग की पहाड़ी पर तिरंगा फहराने वाले शहीद भंवरलाल भागकर के साथी झुंझुनूँ हॉल जयपुर निवासी नायक दिगेंद्र, कुमार ने बताया कि हमारी टुकड़ी में 10 जवान शामिल थे। 1999 में, कारगिल की पहाड़ियों पर खड़े लड़े गये। युद्ध मे पाक सेना पहाड़ी चोटी से तथा भारत की सेना जमीन से युद्ध कर रही थी, भारत की तरफ से लगभग 80 सैनिक फॉलो लिंक पहाड़ी मुक्त करवाने के प्रयास में वीर गति को प्राप्त हो चुके थे।

ऐसे में तत्कालीन जनरल ने पहाड़ी को जीतने का टास्क टू राजपूताना राइफल्स को दिया बटालियन ने, कर्नल रवींद्रनाथ से चुनिंदा एथलीटों और ऑफिसर्स की, चार टीमें बना तो लो लिंक के पहाड़ी जीतकर गिफ्ट के रूप में देने, को कहा। सबसे आगे की, टुकड़ी में, यह काम कमांडो टीम, मेजर विवेक गुप्ता, सूबेदार भंवरलाल भाकर सुविधा, सुमेर सिंह राठौड़ नायक, सुरेंद्र नायक, चमन सिंह, लांस नायक बच्चन सिंह सी एम एस जसवीर सिंह, लांस नायक जसवीर सिंह, हवलदार सुल्तान, सिंह नरवरिया एवं नायक दिगेंद्र कुमार को सौंपा।

इस दौरान उनके शरीर में भी, पांच गोलियां लगी। है भारतीय सेना, के, नौ सदस्यों, के वीर गति को प्राप्त होने, के, साथ, पाकिस्तान के, पहाड़ी पर बैठे। सभी 78 सैनिक मारे गये। शरीर में पाँच गोलियाँ लगने के कारण उन्हें विमान द्वारा श्रीनगर, के, सेना चिकित्सालय में लाया। गया यहां आने, पर, भारत, के, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने बताया, कि उनके अकेले के हाथों 48, पाकिस्तान, नहीं सैनिक मारे गए।

12 जून को तोलोलिंग के पहाड़ी पर चढ़े तेरा को विजय श्री।
जांबाज दिगेंद्र कुमार ने बताया। कि तोलोलिंग विजय के, लिए, नीचे से, दूसरी टीम, ने, तोपो, के मुँह दुश्मन सैनिकों, के, बंकरो, की तरफ खोल दिये, जिसका लाभ लेते हुए सभी 10, लोग, रस्सी, के सहारे गोलों, के नीचे से होते हुए पहाड़ी पर चढ़ गये तथा 12 जून की, रात्रि को तोलोलिंग के, पहाड़ी पर आक्रमण करते हुए तेरा जून की सुबह को ही विजय श्री प्राप्त कर पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा झंडा, प्यारा दिया, पाकिस्तानी सेना, ने फॉलोइंग पहाड़ी की, चोटी पर जो बंकर बना रखे थे उसमें से पहला बनकर उन्हें ही नष्ट करना, था और। ऐसा किया भी इस दौरान पहाड़ी पर बने सभी 11 बंकर नष्ट किये गये। बोलीवुड, के सहित भाग करने, भी, अदभुत हुई एकता दिखाई भागकर सहित नौजवान दुश्मनों, का खात्मा करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। 13 जून के सुबह हमने तो लो लिंक की पहाड़ी, पर, तिरंगा झंडा फहरा दिया इस पहाड़ी पर विजय पाने, के दौरान भारतीय सैनिकों ने जो जज्बा दिखाया वह अदभुत था।

शनिवार, 13 जून 2020

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम।

जयपुर में बनेगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम, आरसीए ने बोर्ड को लिखा पत्र।

75 हजार दर्शक क्षमता होगी, 350 करोड़ रुपये में होगा पहले फेज का निर्माण।

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम। वैभव गहलोत जब से आरसीए के अध्यक्ष बने हैं। तब से उनका एक ही लक्ष्य रहा है कि राजस्थान क्रिकेट संघ का अपना खुद का स्टेडियम हो। इनके कारण अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही इन्होंने पूर्व आईएएस जी.एस. संधू को इसका जिम्मा सौंपा और आरसीए में ही उनका ऑफिस बना दिया। सूत्रों के अनुसार माना जा रहा है कि आरसीए ने इस संबंध में बीसीसीआई को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में बीसीसीआई से 75 हजार क्षमता के स्टेडियम के लिए 100 करोड़ रुपये की ग्रांट और आरसीए का बकाया 90 करोड़ देने के लिए कहा है। नक्शा वगैरह भी इस पत्र के साथ बीसीसीआई को भेजा गया है। 24 महीने में ही 45 हजार दर्शक क्षमता के पहले फेज का निर्माण कार्य कराया जायेगा।




चौंप में 41.47 हेक्टर जमीन लगभग फाइनल।


स्टेडियम के लिए चौंप गांव में 41.47 हेक्टेयर भूमि लगभग फाइनल कर ली गई है। प्रॉजेक्ट के डिजाइन बनाने का काम भी मेहता एंड एलएलपी को दिया जा चुका है। लगभग 350 करोड़ रुपये के खर्च से बनाया जायेगा। आरसीए ने बीसीसीआई को पत्र भेजा कि 120 दिन में स्टेडियम का काम शुरु कर दिया जाये, और 24 महीने में स्टेडियम का पहला फेज पूरा कर लिया जायेगा।
विश्व में दो स्टेडियम एक लाख क्षमता के : विश्व के दो स्टेडियम में एक लाख से एक लाख से ज्यादा क्षमता के हैं। सूरत के मोटरों की क्षमता 1.10 लाख है जबकि ऑस्ट्रेलिया, के, मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम, की क्षमता 1.02 लाख हैं। तीसरे नंबर पर आरसीए का स्टेडियम होगा।




कहाँ से आएँगे साढ़े 300 करोड़?

  1. 90 करोड़ बीसीसीआई पर बकाया।
  2. सौ करोड़ वोट बोर्ड। देती है ग्रांट।
  3. सौ करोड़ रूपये लोन लेगा।
  4. 60 करोड़ रूपये स्टेडियम के, कॉरपोरेट बॉक्स बेचकर इकट्ठा होंगे।

निम्न फैसिलिटीज होंगी।


  • अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेन ग्राउंड।
  • द्रोह दो। प्रैक्टिस ग्राउंड। जिसमें रणजी मैच भी हो सके।
  • वर्ल्ड क्लास क्रिकेट एकेडमी।
  • क्लब हाउस।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम।


रविवार, 7 जून 2020

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में, 17 लाख अभ्यर्थियों का इंतजार हुआ खत्म।

5500 पदों के लिए दो दिन मे चार पारियों में होगी परीक्षा।

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में, कांस्टेबल भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पुलिस मुख्यालय से खुशखबरी कांस्टेबल के 5500 पदों के लिए भर्ती परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में हो सकती। है इसके लिए मुख्यालय ने जिलों में सेंटर चयनित कर दिए हैं।

इस भर्ती के लिए रिकॉर्ड 17 लाख आवेदन आये। हैं ऐसे में भर्ती परीक्षा दो दिन में चार पारियों में कराई जाएगी। परीक्षा ऑफलाइन होगी भर्ती प्रक्रिया को पूरी करने का जिम्मा संभाल। रहे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीजू जॉर्ज जोसफ का कहना है कि जून में। शिक्षा बोर्ड व जुलाई में सीबीएसई की परीक्षा है इस कारण कोनसा भी भर्ती परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में कराने की तैयारी है। है।


भर्ती परीक्षा के लिए सोशल डिस्टेंस सिंग के पालना को देखते हुए पहले चयनित किए गए परीक्षा सेंटर्स की तुलना में अब डेढ़ गुना ज्यादा सेंटर चुने गए हैं। गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय भर्ती परीक्षा में में कराने की पूरी तैयारी कर चुका था लेकिन करुणा संक्रमण के चलते परीक्षा नहीं हो सकी थी।


कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में, 17 लाख अभ्यर्थियों का इंतजार हुआ खत्म।

गुरुवार, 28 मई 2020

लोकडाउन है, पर नई राहें खुली हैं आप घर बैठ कर भी कमा सकते हैं।

कोरोना के इस मुश्किल दौर में कई लोग ऐसे हैं जो इस समय खाली बैठे हैं जब परिचित राहे बंद, हो तो नहीं रहे आजमाये आमदनी भले कम हो पर आप सक्रिय बने रहेंगे जो कारगर सिद्ध होगा ही नये कौशल सीख जायेंगे। यह अपने ही कुशल में और निखर जायेंगे

इन  तरीकों से आप लोकडाउन में घर बैठ कर भी कमा सकते हैं।



कंटेंट राइटिंग।

यदि आप लिखने में रुचि रखते हैं तो कहीं वेबसाइट्स ब्लॉग मैगजीन अखबार यह सुविधा दे सकते हैंइन दिनों अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ने से फ्रीलांसिस बढ़ी है। यदि आपके पास व्याकरण की अच्छी पकड़ है एक आकर्षक लेखन शैली है, और, विभिन्न विषयों पर शोध करने और उनके बारे में लिखने में रुचि है तो बतौर फ्रीलॉन्सर आप काम कर सकते हैं।


वेब डेवलपमेंट।

यदि आपको कोडिंग और वेब डिजाइनिंग में रुचि है तो आप घर से वेब डेवलपर के रूप में आसानी से काम कर सकते हैं क्योंकि इस समय सभी घर से कार्य करना पसंद कर रहे हैं ऐसे में फ्रीलांस वेब डेवलपर के लिए बहुत सारे अवसर है इस समय कई कम्पनियाँ फ्रीलांसिस को आमंत्रित कर प्रोत्साहित कर रही। हैं।


Instruction banaaiye

यदि आपको कार्टून बनाने या इसके एचिंग आदि का शौक है तो आप वेबसाइट या अखबार के लिए ये कर सकते हैं कार्टून या हिल स्टेशन की बारीकियों से या फिर वाकिफ होना जरूरी है। यदि आप पहले ये करते आए हैं तो ये काम आपके लिए घर से करने का अच्छा मौका है। इसके अलावा ग्राफिक डिजाइनिंग कैरी खेचर लोगो डिजाइन आदि भी घर बैठे कर सकते हैं।


शिक्षण दीजिये।

यदि बच्चों को पढ़ाना पसंद करते हैं या, स्कूल, में, शिक्षक है तो इस समय ये काम आप आसानी से कर सकते। हैं ऑनलाइन क्लास ले सकते। हैं इसके लिए घंटे के मुताबिक या टॉपिक, के हिसाब से शुल्क तय कर सकते। हैं, की कोचिंग संस्थान, भी, ये सुविधा देते हैं उनसे जुड़कर भी ये कार्य कर सकते हैं।


सोशल मीडिया मैनेजर।

सोशल मीडिया की अच्छी जानकारी रखते हैं तो बतौर सोशल मीडिया मैनेजर काम कर सकते। हैं हर छोटी से लेकर बड़ी कम्पनी सोशल मीडिया पर, मौजूद, है इन पेज पर रोज आर्टिकल फोटो कस्टमर्स को, कमेन्ट, के जरिए जवाब देने, के, लिए मैनेजर की आवश्यकता होती। है। इसके अलावा सोशल मीडिया, मार्केटिंग, में, रुचि, और, थोड़ी बहुत जानकारी रखते हैं तो इस पर भी घर बैठे काम कर सकते। हैं। हालांकि शुरुआत में, प्रशिक्षण की, आवश्यकता होगी, जिससे ऑनलाइन लिया जा सकता है।


अनुवादक बनकर देखिए।

यदि आप विभिन्न भाषाओं से अच्छी तरह से परिचित हैं तो इस पर पकड़ बनाना सबसे अच्छा काम, है अनुवादक बनने, के, लिए, आपको उन दोनों भाषाओँ में सिद्धार्थ होना होगा। जिनमें आप अनुवाद करना चाहते हैं कहीं वेबसाइट्स फ्रीलांस लोगों को, अनुवाद के, लिए, ढूंढती रहती है। इसके साथ ही किताबें, भी, ट्रांसलेट कर सकते हैं।


कौशल भी सिखा सकते हैं?

अगर आप वित्तीय जानकारी रखते हैं या किसी क्षेत्र के एक्सपर्ट है, फोटो या, वीडियो एडिटिंग, कराटे योग जानते, हैं, अच्छा खाना बनाते, हैं या, किसी भाषा का, ज्ञान है तो ऑनलाइन लोगों को सिखा सकते। हैं, इनके लिए कहीं वेबसाइट्स, मौजूद, है, आपको पूरा कोर्स बनाकर वेबसाइट्स पर अपलोड करना होगा, जो इसे सीखना चाहते हैं वो भुगतान करके कोर्स खरीद सकते। हैं इसका फायदा आप आगे तक उठा सकेंगे।


प्रूफ रीडिंग कर सकते हैं।

अगर आप हिंदी अंग्रेजी मराठी या, कोई विदेशी भाषा अच्छी तरह से लिखना, और पढ़ना जानते। हैं तो प्रुफ रीडर का, काम कर सकते। हैं किसी प्रकाशन, के, लिए, घर बैठे नोवल, किताब, या, लेख, का प्रूफ पड़ सकते। हैं ये खास तौर पर उन लोगों, के लिए, फायदेमंद होगा, जिन्हें हिंदी और, अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाएँ आती। है साथ ही आजकल ई बुक का चलन भी काफी बढ़ गया है, इनके लिए, भी प्रूफ रीडर का, काम कर सकते। हैं। इसके अलावा लेक्चर ट्रांसलेशन। सोशल मीडिया पर, विज्ञापनों, के, लिए, कॉपी, लिखने जैसे काम भी मिल जायेंगे, खुद विडियो बनाकर पाक क्लाक क्राफ्ट, कैलीग्राफी, गायन, नृत्य आदि की क्लास भी चला सकते। हैं ये काम समूह बनाकर भी किए जा सकते हैं।

सोमवार, 27 अप्रैल 2020

रिलायंस जियो मार्ट का नंबर व्हाट्सएप्प पर ऑनलाइन हुआ, अभी मुम्बई के आस-पास के इलाकों में ट्रायल

तीन करोड़ किराना दुकानों को प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा


फेसबुक के साथ करीब 43 हजार करोड़ की डील करने के बाद खबर है कि रिलायंस जियो मार्ट अपने ऑफिशियल नंबर के साथ व्हाट्सएप्प पर लाइव हो गया है मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जियो मार्ट फिलहाल नवी मुंबई ठाणे और कल्याण क्षेत्र में मौजूद हैं। उम्मीद की जा रही है। कि यह सर्विस जल्द ही पूरे देश में लॉन्च कर दी जायेगी।
              जियो मार्च से ऑर्डर करने के लिए उसके व्हाट्सएप्प नंबर को फोन पर ऐड करना होता है। इसके बाद जियो मार्ट व्हाट्सएप्प चैट के जरिए यूजर को लिंक भेज देता है। यह लिंक 30 मिनट के लिए वैलिड रहता है। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर को नए पेज पर डायरेक्ट किया जाता है। वहाँ यहां वह अपना पता और फोन नम्बर भर सकता। है यूजर द्वारा जरूरी जानकारी दिए जाने के बाद जियो मार्ट उसे उपलब्ध सम्मान का कैटलॉग दिखाता है।

अपने ब्रांडेड सामान भी बेचेगी रिलायंस


किराना स्टोर्स के जरिए रिलायंस अपने लेबल वाले सामान बेचने की योजना पर काम कर रही है। ब्रांड नाम के तौर पर बेस्ट फॉर्म्स, गुड्स लाइफ, मस्ती ओये, काफे, एंजोय मौप्ज, एक्सपेल्ज और होम वन जैसे नाम इस्तेमाल किए जायेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने कहा है कि निकट भविष्य में जियो मार्ट और व्हाट्सएप्प देशभर के तीन करोड़ किराना स्टोर को अपने प्लेटफॉर्म पर जोड़ेगी।

एफएमसीजी कंपनियों को भी मिलेगी चुनौती


इस रणनीति से अमेजन और, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को चुनौती मिलेगी। अगर रिलायंस अपने ब्रांडेड सामान पर जोर देती, है तो इससे एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियां को, भी प्रतिस्पर्धा मिल सकती है अमेजन, फ्लिप्कार्ट भी देश में किराना स्टोर्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।

सोमवार, 13 अप्रैल 2020

Daily Current Affairs 12 april Current affairs 2020 Current gk-UPSC-Railway

    Daily Current Affairs 12 April 2020

1  हाल ही में विश्व में होमियोपेथी दिवस कब मनाया गया ?
Ans.  10 अप्रैल को मनाया गया और इसके जनक सेमुअल हैनी                   में थे ।



2   उत्कल दिवस कब मनाया जाता है ?
Ans. 1 अप्रैल ।


3   विसव स्वास्थय दिवस (WHD) कब मनाया जाता है ।
Ans. 7 अप्रैल ।


4   पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित गायिका का निधन हुआ है 


     इनका नाम क्या था। 
Ans. शांति हीरानंद चावला, इनको 2007 में पद्मश्री पुरस्कार               सम्मानित किया गया। 


5    हाल ही में जारी FIFA की नवीनतम ranking में भारत            कोनसे स्थान पर है ।
Ans. 108 स्थान पर और टॉप पर बेल्जियम, फीफा की स्थापना 1904  मैं हुई headquarter jurik Switzerland mein hai और इसका हेड ज्ञानी इंफिनिटी हैै। 

6   फीफा वर्ल्ड कप 2022 को होस्ट करेगा कतर
7  फीफा वर्ल्ड कप 2026 को होस्ट करेगा यूएसए, मैक्सिको,            कनाडा

8   हाल ही में किस राज्य ने अपने राज्य में लॉक डाउन की सीमा       को बढ़ाकर 1 मई तक कर दिया है। 
Ans. पहला राज्य  ओडिशा,  पंजाब राजधानी चंडीगढ़, चंडीगढ़ भारत का पहला केरोसिन मुक्त शहर है, और जिला गुजरात का गांधीनगर है। 


9   रॉक गार्डन चंडीगढ़ में है और इसका निर्माण नेकचंद द्वारा            बनाया गया है। 

9   हाल ही में किसे इफको टोकियो कि नहीं एमडी और सीईओ         के रूप में नियुक्त किया गया है। 
 Ans. Anamika Roy,  स्थापना 3 नवंबर 1967 को हुई और            हेड क्वार्टर इसका नई दिल्ली है

10  हाल ही में किस कंपनी ने कोविड- 19 से लड़ने के लिए                यूनिसेफ के साथ हाथ मिलाया है। 
Ans. हिंदुस्तान युनिलीवर, स्थापना 1933 मेंे, हेड क्वार्टर मुंबई               महाराष्ट्र, सीईओ संजीव मेहता

11   कोरोना वायरस की वजह से 100 से ज्यादा मौत वाला देश          का पहला राज्य कौन सा है। 
 Ans।. महाराष्ट्र। 


12    भारत पढ़े ऑनलाइन अभियान को किस मंत्रालय ने शुरू             किया

 Ans. HRD मंत्रालय। 

13    IQ AIR के डाटा के मुताबिक दुनिया के शीर्ष 20 सबसे              प्रदूषित स्थानों में भारत के कितने शहर शामिल है
 Ans.  दो शहर मुंबई, कोलकाता

14    किस राज्य के इंजीनियरिंग के एक छात्र ने डॉक्टरों के                 स्थान पर रोगियों की देखभाल करने के लिए एक इंटरनेट             नियंत्रित रोबोट का निर्माण किया है
Ans. छत्तीसगढ़, राजधानी है रायपुर। 

15     हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री और सांसदों के             वेतन में कितने प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है
 Ans 30% 

रविवार, 12 अप्रैल 2020

'कोरोना की संजीवनी' आखिरभारत कैसे दुनिया का मददगार बनकर उभर रहा है

वह दवा जिसके लिए पहले ट्रंप ने भारत पर दबाव बनाया फिर आभार जताया


दवा मलेरिया की, मांग कोरोना में; भारत सबसे बड़ा सप्लायर, हर महीने बना सकता है 30 करोड़ टेबलेट

दुनिया कोरोनावायरस संकट से जूझ रही है कोरोना के खिलाफ कोई कारगर दवा अभी तो नहीं है ऐसे में सिर्फ एक दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोकेम क्वीन की सबसे ज्यादा चर्चा है केंद्र सरकार ने 25 मार्च में इसके निर्यात पर बैन लगा दिया था बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति की मांग पर बैठे गया सिर्फ अमेरिका ही नहीं दुनिया के कई देश भारत से इस दवा की मांग कर रहे हैं यह दवा करो ना कि मलेरिया की है शुरुआती स्तर पर अभी तक कोरोना के संक्रमण और लक्षणों को कम करने में सबसे ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है कि शनिवार को देश के स्वास्थ्य मंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि इसको और कितनी है इस बारे में नहीं करता है यह दवाई ली जाए
  पिछले चंद्र साल से भारत में एंटी मलेरिया और रूमेटाइड अर्थराइटिस के उपचार में उपयोग की जा रही है इस दवाई के अचानक से बाजार में किल्लत हो गई सबसे पहले बड़े पैमाने पर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस दवा का उपयोग हुआ था यह टेबलेट मूल रूप से इम्यून पावर को बढ़ाती है भारत ने 13 देशों के लिए अपना पहला कंसाइनमेंट भेज भी दिया है इनमें अमेरिका स्पेन जर्मनी आदि शामिल है देश में 80 परसेंट एचसीक्यू एक्का और राइडर्स कैडिला कंपनियां बनाती है एक्का ने एक मीडिया ग्रुप को बताया कि एचसीक्यू के कुल उत्पादन का 10 परसेंट इस्तेमाल है देश में होता है बाकी 90% 50 देशों को एक्सपोर्ट कर दिया जाता है अमेरिका ने भारत से इसकी 4800000 टैबलेट्स मांगी है हालांकि भारत ने 35 लाख टेबलेट भेजने को ही अनुमति दी है
       आइए जानते हैं आखिर क्यों इस दवा की इतनी डिमांड बढ़ गई है और कोरोना के इलाज में इसका क्या संबंध है


 hydroxychloroquine दवा के बारे में वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

 क्या है एचसीक्यू
एचसीक्यू एंटी मलेरिया ड्रग है यह क्लोरो किन का एक रूप है क्लोनोपिन का उपयोग मलेरिया के इलाज में होता है एचसीक्यू का उपयोग मलेरिया के अलावा रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियों में होता है यह इम्यूनिटी बढ़ाती है 1974 में एचसीक्यू का अविष्कार किया हुआ था

 क्यों चर्चा में है भारत
अमेरिका ब्राजील सहित दुनिया के कई देश इस समय इस दवा के लिए भारत पर निर्भर है फॉर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले कुल एचसीक्यू टेबलेट का 70 परसेंट उत्पादन भारत में ही किया जाता है भारत इस दवा का बड़ा सप्लायर है

 कैसे विश्व निर्भर
दरअसल मच्छरों की समस्या के चलते भारत में इसका उत्पादन ज्यादा होता है चूंकि अमेरिका जैसे विकसित देशों में मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का प्रकोप कम है ऐसे में वहां इस दवा का उत्पादन नहीं होता

 कितनी क्षमता हमारी
केंद्र के मुताबिक भारत वर्तमान में प्रतिमा है अभी से 30 करोड टेबलेट बना सकता है फिलहाल हम क्षमता का महज 50% ही उत्पादन कर पा रहे हैं लोक डाउन से असर पड़ा है फार्मास्यूटिकल मार्केट रिसर्च कंपनी एआईओसीडी अवाक्स फार्माटेक के अनुसार फरवरी 2020 तक अंतिम 12 माह में एचसीक्यू का मार्केट साइज 152.80 करोड़ रू था 

इन 4 सवालों से समझिए एचसीक्यू और कोरोना का कनेक्शन
1. क्या एचसीक्यू से करो ना ठीक होता है
नहीं अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि एचसीक्यू करो ना का इलाज है अलग-अलग अध्ययन बताते हैं कि यह दवा कोई नाइनटीन वायरस के असर को कम कर सकती है पर उसे खत्म नहीं कर सकती अमेरिका इंग्लैंड स्पेन और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में ट्रायल जारी है विशेषज्ञ मानते हैं कि नतीजे पर पहुंचने से पहले बड़े स्तर पर क्लिनिकल ट्रायल्स की जरूरत है एचसीक्यू की प्रभावशीलता को लेकर दो बड़े परीक्षण चल रहे हैं पहला है डब्ल्यूएचओ का सॉलिडेरिटी ट्रायल जिसका हिस्सा भारत भी है वही दूसरा क्लोरो क्लीन एक्सीलरेटर ट्रायल है जो वेलकम ट्रस्ट यूके और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है

2.  क्या यह दवा सुरक्षित है
नहीं इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखे गए हैं
5 प्रमुख साइड इफेक्ट 
हार्ट ब्लॉक, घबराहट, चक्कर आना, उल्टी और डायरिया

15 अमेरिकी रिसर्च सेंटर अभी एचसीक्यू के अवसर पर रिसर्च कर रहे हैं इसमें से 6 का कहना है कि दवा के असर को समझने में महीनों लगेंगे

 पिछले महीने मार्च में अमेरिका के एरीजोना मैं क्लोरोक्वाइन फास्फेट खाने के बाद मौत हो गई थी जो मलेरिया से बचने वाली एचसीक्यू में इस्तेमाल किया जाता है

चीन में अध्ययन बताता है कि जिन मरीजों को एचसीक्यू दी गई उनमें अन्य की तुलना में ठीक होने में कोई तेजी नहीं देखी गई जबकि साइड इफेक्ट देखा गया

3.  फिर इस दवा के इतनी मांग क्यों है
Indian Council of Medical Research ने उन हेल्थ केयर वर्कर्स को इसे देने की अनुशंसा की थी जो करुणा के मामलों को संभाल रहे हैं साथ ही जिन लोगों में करुणा के लक्षण तो नहीं है लेकिन वह कोरोना मरीजों के संपर्क में आए हैं तो डॉक्टर की सलाह से एचसीक्यू खा सकते हैं ट्रंप द्वारा दवा की मांग करने के बाद इसकी मांग बढ़ी है हालांकि अमेरिका में ही करो ना मैं इसके कारगर होने को लेकर डॉक्टर वैज्ञानिकों में मतभेद है ट्रंप ने इसके लिए जिस फ्रांसीसी रिसर्च का हवाला दिया है उसे ही कहीं विशेषज्ञ बकवास मान रहे हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार इस दवा को सबसे कारगर बता चुके हैं

48 लाख टेबलेट मांगी है अमेरिका ने भारत से एचसीक्यू की

13 देशों को भारत इस दवा की पहली खेप चुका है

3.38 करोड़ टेबलेट है भारत के पास एचसीक्यू यानी कुल घरेलू जरूरत का 3 गुना ज्यादा स्टोर स्टॉक

30 करोड़ टेबलेट का भारत हर माह उत्पादन कर सकता है

इम्यून माडिलेशन करती है इसलिए हो सकती है प्रभावी

Hydroxychloroquine का मुख्यतः उपयोग रूमेटाइड अर्थराइटिस में किया जाता है जो कि एक इम्यून डिजीज है यह दवा इम्यून मोटिवेशन का काम करती है अब क्योंकि कोर्ट ने भी इम्यून से ही जुड़ी हुई बीमारी है ऐसे में हो सकता है कि यह लाभकारी हो हालांकि अभी तक इसका कोई प्रूफ नहीं है लेकिन लक्षणों के आधार पर यह सही लगता है एक बात यह भी है कि यह दवा दूसरी दवा के साथ कॉन्बिनेशन में दी जाती है कोई ना में भी इसे अजित्रोमायकिन के साथ कहीं जगह लिया जा रहा है एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि हार्ट पेशेंट बीपी और लीवर की बीमारी से जूझ रहे पेशेंट में इसके साइड इफेक्ट ज्यादा दिखते हैं यह ब्लड बनने की प्रक्रिया में भी विपरीत प्रभाव डाल सकती है ऐसे में इस दवा को देने के साथ ही इनसे जुड़ी जांच भी जरूरी है

जुड़वा भाइयों ने संभाली कोरोना के विरुद्ध कमान

तस्वीर में नजर आ रहे यह दो शख्स ब्रिटेन के लेफ्टिनेंट कॉल मोकशी और डॉ पॉल मोकशी है दोनों जुड़वा है खास बात यह है कि कोरोना की लड़ाई में दोनों एक ही अस्पताल में ड्यूटी करने पहुंच गए हैं लंदन में एन एच एस नाइटिंगेल हॉस्पिटल बन रहा है 4000 बेड के इस अस्पताल को बनाने में लगी टीम कॉल के नेतृत्व में काम कर रही है सर्जन पोल की भी ड्यूटी यही लगी है

self value😎😎😎

खुद की कीमत (सेल्फ वैल्यू)  दुनिया में हर चीज की कीमत होती हैं , यह बात सब को पता है।  हर चीज की कीमत भी तय की जा सकती हैं , कीमत बदली भी  ज...