मंगलवार, 24 मार्च 2020

राजस्थान में 33 हुई मरीजों, की संख्या आज से नहीं चलेंगे। निजी वाहन स्टेट हाईवे बंद।

लोकडाउन के बाद आवाजाही पूरी तरह बंद प्रतापगढ़, में, जोधपुर में करो ना के दो-दो नये मरीज।


पंजाब, महाराष्ट्र में कर्फ्यू लगाया सरकारी व निजी बैंक 10 से दो बजे तक ही।
फरवरी का जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख साथ अप्रैल तक बढ़ी।


सामुदायिक स्तर पर एक आदमी से दूसरे में कल ना वायरस फैलने के रोकने। के लिए देश के इक्कीस राज्यों में लोग डाउन हो चुका है लेकिन कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकले सोमवार को प्रतापगढ़ हो जाओ तुम्हें दो दो मरीज सामने आए इसी के साथ राजस्थान में मरीजों की संख्या तैंतीस पहुँच गयी है इसी बीच प्रदेश सरकार ने अब स्टेट हाईवे बंद कर दिया है साथ ही मंगलवार से ही निजी वाहनों पर भी रोक लगा दी है सीएम अशोक गहलोत ने कहा इस दौरान आवश्यक सेवाओं और छूट वाली सेवाओं से संबंधित वाहनों को ही अनुमति दी जायेगी सीएम ने कहा कि लोग डाउन को ही कर्फ्यू माना जायेगा अगर लापरवाही बरती गई तो प्रदेशभर में कर्फ्यू लगा दिया जायेगा इधर लोगों को घरों में रखने के लिए पंजाब मा राष्ट्र और पुडुचेरी में इकतीस वार तक कर्फ्यू लगा दिया गया है इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों के से लॉक डाउन को गंभीरता से लेने की अपील की उन्होंने करो न वायरस को लाइफ टाइम चैलेंज बताये किस राज्यों में लोग डाउन है बाकी राज्यों के करीब सौ से बंद है संक्रमित को एक से दूसरी जगह जाने आधी रात से घरेलू विमान सेवा, भी, बंद, हो जायेगी। देश में रोजाना करीब 5000 सौ घरेलू उड़ाने संचालित होती है जिससे छह पॉइंट सियासत लाख लोग सफर करते हैं।




पहली बार जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदी पैरोल पर छोड़े जायेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को उच्च स्तरीय कमेटी बनाने को कहा। है जो तय करेगी कि किन श्रेणियों के, कैदी पेरोल पर रिहा किया जा रहे, है सकते। हैं इसका मकसद जेलों में भीड़ कम करना, है कोर्ट, ने, सात साल या, इससे कम की सजा, के प्रावधान वाले अपराधों, के मामलों, में यह ते रोल देने, का, सुझाव दिया, है सुप्रीम कोर्ट, में, प्रवेश, बंद, कर, दिया, गया सिर्फ अति आवश्यक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनने जायेंगे।

चिंतनीय मुंबई में संक्रमण मुक्त हो चुके एक और शख्स की मौत

मुंबई। में, कुरो न संक्रमण से मुक्त हो चुके है, फिलिपींस, के, आठ साल के, बुजुर्ग, की, मौत, हो गयी। वह 10 दिन पहले कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती हुए थे। ठीक होने के बाद वह प्राइवेट अस्पताल में चले गये थे। अस्पताल के अनुसार उन्हें, डायबिटीज, और, दमे, की, समस्या थी।

सावधान लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर छह माह जेल का प्रावधान

लोग डाउन का उल्लंघन करने वालों पर, सरकार, या माँ हमारी रोक कानून, अठ्ठारह संदर्भ, उल्लंघन, का, केस, दर्ज कर रही। है आई पी सी की, धारा 130 सीट दंडनीय है इसके तहत उल्लंघन करने वाले को, छह माह तक की, जेल, या, 1000, जुरमाना, यादव, संजय, साथ, हो सकती, है केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों के, डीजीपी के, साथ, वीडियो, कॉन्फ्रेंसिंग, में निर्देश दिए। कि लोग, डॉन को, पूरी शक्ति, के, साथ लागू करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कोरोना से निपटने के लिए उचित कदम उठा रही सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि खोलना वायरस से निपटने के लिए सरकार उचित कदम उठा रही है विरोधी भी इन प्रयासों की तारीफ कर रहे हैं कोर्ट ने जोर देकर कहा कि ये वक़्त राजनीति का नहीं बल्कि तथ्यों पर ध्यान देने का है चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार के कार्यों पर संतोष जताया है कोर्ट में दायर याचिका में सरकार को और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश देने और संदिग्धों की जांच के लिए और ले बनाने के निर्देश देने की मांग की गई थी कोर्ट ने कोई आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि याचिका करता सरकार को प्रतिवेदन दें।



रिलायंस ने खोला सौ बिस्तर वाला अस्पताल

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मुंबई में कोविद नाइन उपचार, के, लिए समर्पित देश का पहला अस्पताल खोला। है कम्पनी ने अनुबंध और अस्थाई कर्मचारियों, के वेतन, विभिन्न शहरों, में, मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने, आउट महाराष्ट्र, के मुख्यमंत्री राहत कोष, में, पांच करोड़ रुपये देने, की भी घोषणा की है, रिलायंस करो, न के खतरे, की, वजह, से रोज एक लाख मास्क बनाने, और सुरक्षा से जुड़े अन्य उपकरण बनाने, के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ा, रहा है।

पंद्रह दिन में आठ गुना बढ़ा बढ़ी। है संक्रमित की संख्या।

एम्स ने सभी केंद्रों पर स्पेशलिटी सर्विस, और, ओपीडी, बंद, कर, दी, है, सरकार, का, आदेश, है, की, सारे संसाधन, कोरोना, के, मरीजों, के, इलाज, के, लिए, तैयार किया जाये।

ये हाल       संक्रमित     मौतें          ठीक हुए              गंभीर है
राजस्थान      33           0                3                       0
भारत          477          9               35                      0
दुनिया।    3,53,759   15,419    1,00,623        11,379

देश 2 मौते 86 मरीज मिले। अब तक 9 मौतें हो चुकी हैं।

देश में सोमवार को 2 और मौतें हुई एक हिमाचल के कांगड़ा में और, दूसरी बंगाल में सोमवार को, केरल, में 15 गुजरात, में 11, महाराष्ट्र में 6 राजस्थान में, 4 और, पंजाब, में, 1 नया के सामने आया। है सबसे ज्यादा 76 मामले महाराष्ट्र में सामने आ चुके हैं वहां कर्फ्यू लगा। दिया गया है।

कोरोना वायरस को हराने वालों ने बताई आप बीती और जिंदगी की जंग जीतने की कहानी
करो ना को हराने वाले योद्धा बोले, डाॅक्टर के सुझाव माने। खूब पानी, पिये, और, आराम, करें, सकारात्मक सोच वालों, से ही बातें करें।

इटली के पैमानों की आंटी फाइव साल की अल्मा लारा कोर्स, वाशिंगटन, की, 37 वर्षीय एलिजाबेथ स्नाईडर, और, दिल्ली, के, ढाई साल के, एमवी, रोहित दत्ता यह तीनों ऐसी शख्सियत हैं जो कुछ दिनों पहले तक कोरोना पॉजिटिव होते, लेकिन आज पूरी दुनिया को इस खतरनाक संक्रमण से बचने के तरीके बता रहे हैं यह तीनों अपनी कहानी इसलिए बता रहे, हैं कि ताकि लोग, घबराये, नहीं, और, लापरवाही, न बरतें। इन तीनों ने खुद को भीड़ वाली जगह से अलग कर अतिरिक्त सतर्कता बरती। और अब पूरी तरह संक्रमण मुक्त है। आइए। बताते हैं कि इन तीनों ने खुद को कैसे कोना से बचाया।



केस नंबर 1-  एंटीवायरल भी नहीं ली और ठीक हो गयी दादी

इटली, की, अलक लारा कौर सैनी को पांच मार्च को, बढ़ती हुई, डॉक्टरों, ने इन्हें कहा, कि, आप एंटी वायरल तेरे भी, के, बिना भी, ठीक हो सकती। हैं उन्होंने अम्मा से, उनकी डाइट पूछी। और कहा, आप समय पर खाये, पानी, और जूस, ज्यादा पीये, मैंने उनकी सलाह मानी आई सी यू में रही। पंद्रह दिनों बाद अब मुझे थकान, भी, नहीं आती, डॉक्टरों, ने मुझे अब घर जाने की, भी इजाजत दे। दी, है।

केस नंबर 2-  पंद्रह दिन कब आ रहे टाइम में रही घबराई भी नहीं

एलिजाबेथ स्नाइडर ने बताया। कि सात मार्च, को, दोस्त की, फेसबुक पोस्ट से पता चला। कि मैं जिस पार्टी में, गई, थी, वहां मौजूद ज्यादातर लोग, कोरोना, संक्रमित है, पॉजिटिव नतीजे आने, के बाद, मैं सहम गई, डॉक्टरों, ने, मुझे पंद्रह दिन घर पर ही आराम करने, की सलाह, दी, और, कबाड़े टाइम में जाने, को कहा। मैं कहना चाहती हूँ कि घबराये नहीँ अधिक मात्रा में, पानी, पिएँ, और, भरपूर आराम करें।

केस नंबर 3-  डॉक्टरों ने कहा ठीक करके ही घर भेजेंगे।

सब पद रज जंग अस्पताल, में, इलाज, के, बाद, स्वस्थ होकर घर पहुंचे, दिल्ली, में, टेक्सटाइल फैक्ट्री, के मालिक, 45 साल, के, रोहित दत्ता कहते, हैं, 29 फरवरी को ही डॉक्टर्स ने बहुत सकारात्मक ऊर्जा दे, दी थी। उन्होंने कहा, था कि, आपको, ठीक कर ही घर भेजेंगे। भगवान को, याद करें और जो मंत्र आपको अच्छा लगता, है उसे गुनगुनाई, सकारात्मक सोच वालों से ही बातचीत करें। इससे इलाज में मुझे बहुत ताकत मिली।

मनोवैज्ञानिक बोले तनाव नेपाली अपने अलावा दूसरों के बारे में भी सोचे

एम्स के पूर्व मनोवैज्ञानिक डॉक्टर राम तीरथ अग्रवाल का कहना है कि करो ना होने पर। यह इसके लक्षण दिखने, पर, परेशान, न, हो, इलाज, कराएँ, और, बिलकुल, तनाव, न लें, जितना हो सके सोये रात का खाना कम खाएँ ताकि आपको सुकून भरी नींद आये। अपने बारे में सोचने, के, साथ, साथ, दुसरो, के बारे, में, भी सोचना चाहिए। इसके अलावा अगर एक बार टेस्ट करवा लिया तो डर, से, भी राहत मिल जाती। है, मन में, किसी भी तरह का, वहम, न, पालो, अस्पताल, में भर्ती मरीज, भी, डाॅक्टर, की सलाह जरूर जाने।

सोमवार, 16 मार्च 2020

कैलाश मानसरोवर यात्रा में अब पैदल नहीं बल्कि वाहन से जा सकेंगे यात्री।

कैलाश मानसरोवर यात्रा में अब 79 किमी की पदयात्रा नहीं, 3 दिन में वाहन से पहुँच सकेंगे।


सबसे दुर्गम तीर्थ यात्रा।

60 किमी सड़क तैयार चाय किमी का बच्चा काम इस साल पूरा हो जायेगा।
सबसे दुर्गम कैलाश मानसरोवर  यात्रा का उत्तराखंड वाला रास्ता सुगम होने जा रहा है। इस रास्ते पर पहले छह दिन में 79 किमी पैदल यात्रा करनी पड़ती थी। 
अब यह सफर वाहन से तीन दिन में पूरा कर सकेंगे। अब यहां सड़क निर्माण लगभग पूरा हो गया है। यात्री अल्मोड़ा या पिथौरागढ़ होते हुए चीन सीमा से लगे लिपूलेख तक गाड़ियों से पहुँच सकेंगे। घटियाबगर से लिपूलेख के बीच करीब 60 किमी लंबी सड़क तैयार हो गयी है। सिर्फ 4 किमी सड़क का निर्माण बाकी है, जो इस साल के अंत तक पूरा हो जायेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सड़क का निर्माण 2007 में घटियाबगर से शुरू हुआ था, पर 2014 तक निर्माण की गति बहुत धीमी रही। काम तेज करने के लिए चीन से माँ से लगे गूंजी। से, भी सड़क बनाने, की योजना बनाई गई, लेकिन यह कठिन था। इसमें सबसे बड़ी चुनौती 14 हजार फीट ऊँचाई पर गूंजी तक उपकरणों को पहुंचना था।  जेसीबी, बुलडोजर रोड रोलर जैसे बाहरी उपकरणों, के पार्ट्स गूंजी तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाए गए। वहां इंजीनियर इंजीनियरों, ने। असेम्बल कर मशीनें बनाई। तब दोनों ओर से सड़क निर्माण शुरू हुआ। इंजीनियर, मजदूर, बढ़ाए गए, जिसमें काम, तेजी, से, हो, रहा, है।

• माल पा से बुद्धि के बीच बच्चा है, सड़क, निर्माण।

घटिया बागड़, से लिपुलख तक 64 किमी सड़क बनाना है। इसमें माल पा से बुद्धि तक चार किमी सड़क निर्माण बचा। है, कैलाश मानसरोवर, यात्रा, के, आयोजक कुमाऊँ मंडल, विकास निगम के, पूर्व पर्यटन अधिकारी, और, यात्रा के पहले, जत्थे में, शामिल, रहे, विपिन चंद्र पांडेय, बताते हैं कि इस मार्ग, से, 1921, में, यात्रा, शुरू, हुई, थी। खतरनाक पहाड़ियों से गुजरना पड़ता। रहा है नये रास्ते से आने जाने, की, यात्रा, में छह। दिन का समय बचेगा आई टी बी पी के सातवीं बटालियन मूर्ति।। उत्तराखंड के। कमांडेंट अनु प्रीत बोरकर भी कहते, हैं नये रासते से, हमें भी फायदा है क्योंकि यात्रा, में, की, जवानों, की तैनाती, के, साथ जगह जगह व्यवस्थाएँ करनी पड़ती हैं।

इस तरह दैनिक भास्कर पहुंचा कैलाश मानसरोवर के रास्ते।

एक तरफ पहाड़ों से होता भूस्खलन दूसरी ओर गहरी खाई पैंतीस की मिका दुर्गम सफर कर देनिक भास्कर धारचूला से मांगती नाला पहुँचा धारचूला से मांगती नाला तक सड़क चौड़ी करने का काम जारी है रास्ते में कई जगह जेसीबी की मदद से पत्थर और मलबा हटवाना पड़ा तो कहीं जगह गड्ढों में पत्थर भरकर रास्ता बनाना पड़ा कहीं जगह ख़राब सड़क में गाड़ी भी फंसी जिसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया इस तरह भास्कर कैलाश मानसरोवर वो टेबल ट्रैक तक पहुंचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान रास्ते ठीक कर दिए जाते हैं ताकि तीर्थ यात्री आसानी से पहुँच सके इसके मलबा यूँ ही पड़ा रहता है केवल आसपास के गांवों, में रहने वाले लोग, या, आईटीबीपी, और, आर्मी, के जवान ही इसका प्रयोग करते हैं।


मानसरोवर तक पहुंचने के तीन रास्ते उत्तराखंड वाले रास्ते का पैदल ट्रैक खत्म।


•उत्तराखंड वाला रास्ता अब तक ऐसे लगते थे छह दिन
यात्रा उत्तराखंड के धारचूला से शुरू होती है यहां से मांग थी नाला तक पैंतीस की गाड़ियों से जाते हैं उसके बाद पहले दिन जितनी गला तक आठ किमी पैदल चलते हैं यहां रात में रुक कर दूसरे दिन सत्ताईस किमी चलकर बुद्धि तीसरे दिन सत्रह की मैं चल कर गूंजी पहुंचते हैं यहाँ दो रातें रुकते हैं यही मेडिकल जांच और मौसम से तालमेल होता है पांचवे दिन अट्ठारह की में चलकर  नवी डांग छठे दिन नौ किमी चलकर पीपुल एक होते हुए चीन जाते हैं पैनल, सफर, 70 किमी का है।


नया रास्ता आगे, सफर में ऐसे लगेंगे केवल तीन दिन।

अब धारचूला से पहले दिन छह घंटे में वाहनों, से बुद्धि जायेंगे। अगले दिन तीन घंटे में गाड़ियों, से गूंजी पहुंचेंगे। दूसरी रात यहीं बितानी होगी। यही मेडिकल जांच, होगी तीसरे दिन भी पुल, एक होते हुए चीन पहुचेंगे। आशिकी में सड़क, यात्रा, के, बाद, को गु पहुंचेंगे। वहां से, मानसरोवर, की ओर बढ़ेंगे, दिल्ली, से, यात्रा, 2700 किमी की, शुरू, कर वापस आने, में 16 दिन लगेंगे। पहले 22 दिन लगते थे।


नेपाल वाला रास्ता भारत चीन के बीच इस पर अनुबंध नहीं

नेपाल के रास्ते भी मानसरोवर यात्रा पर जा सकते। हैं भारत, और, चीन, सरकार, के बीच इस मार्ग पर कोई अनुबंध नहीं, है, उत्तराखंड, और, सिक्किम वाले मार्ग से सिर्फ भारतीय यात्री ही मानसरोवर जाते हैं। यह यात्रा काठमांडू, से, शुरू होती, है, निजी टूर ऑपरेटर अपनी सुविधा, से रूट तय करते, हैं काठमांडू, से मानसरोवर तक का सड़क मार्ग, करीब 900 किमी लम्बा है।

सिक्किम वाला रास्ता कुल 2700 किमी का सफर।

यात्री दिल्ली, से, सिक्किम, की, राजधानी गंगटोक पहुंचते, हैं, यहां से 55 किमी। दूर नाथू ला दर्रा जाते हैं नाथू ला से, चीन, में, प्रवेश, के, बाद, नगमा, लालजी, और जोंग तक, की, यात्रा, छोटी बसों, से होती, है जून, से, मानसरोवर के तट, पर स्थित कुगू तक पहुंचते हैं। यानी दिल्ली से 2700 किमी की, यात्रा, कर, यात्री  मानसरोवर परिक्रमा मार्ग पहुंचते हैं आने जाने में 20 दिन का समय लगता है।


सभी पहुँचते हैं कुंगू यहाँ से, आगे, का, सफर। कूगू से आगे, कैलाश मानसरोवर, परिक्रमा के आरंभिक स्थल अहमदाबाद तक बस मार्ग है जो करीब 60 किलोमीटर का है।


शुक्रवार, 13 मार्च 2020

कोरोना वायरस दवा इंडस्ट्री के विकास पर खर्च होगे 2000 करोड़।

रसायन और उर्वरक मंत्रालय की ओर से तैयार किये। गए प्रस्ताव पर अलग-अलग मंत्रालयों, से राय लेने, के बाद, कैबिनेट में किया जायेगा पेश।

कोरोना वायरस से भारतीय दवा उद्योग के सामने पैदा हुए संकट में स्थायी तौर पर निपटने के लिए भारत सरकार ने पहल शुरू कर दी है। कच्चे माल के लिए चीन पर से निर्भरता खत्म करने और देश में ड्रग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान करने की योजना तैयार कि है। कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है, जो इसी माह कैबिनेट में पेश किया जायेगा। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मा विभाग की ओर से कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार की ओर से बनाई गई एक कमेटी ने भारत में ड्रग सिक्योरिटी के लिए मज़बूत कदम उठाने की सिफारिश की थी। 
भारत में एफडीआई तैयार करने, पर, चीन, की, तुलना में जो कीमतों में, अंतर होगा उसे कुछ हद तक भारत सरकार पूरा कर सकती। है संभव, है कैबिनेट नोट में यह शर्त रखी जाये कि उन्हीं कंपनियों को इसका लाभ मिलेगा जो अपनी एफडीआई का, इस्तेमाल, भारत, के, मरीजों, के, लिए ही करें। भारत अगले पांच से सात वर्षों में, चीन से अपनी निर्भरता खत्म करना चाहता है।

दवाओं, का कच्चा माल देश में बनाने, के लिए कंपनियों, को प्रमोट किया जाएगा।

दबाव बनाने के, लिए रॉ मैटेरियल, एपीआई (एक्टिव, फार्मास्यूटिकल, इंग्रेडिएंट्स) भारत, में, तैयार किया जा सके। इसके लिए इंडस्ट्री लगाने, के लिए, प्रमोट किया, जाएगा। इंडस्ट्री लगाने वाली कंपनियों, को, केंद्र, सरकार, की ओर से, कुछ आर्थिक रियासत रियायत दी जायेगी ताकि दवा इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके। दरअसल, चीन में तैयार होने वाली एपीआई की, कीमत, कम है, लिहाजा उसे तैयार दवा भी सस्ती होती। है इसी वजह, से सरकार चाहती। है कि, देश में ही एपीआई तैयार करने, का पूरा ढाँचा खड़ा किया जाये। जिसके दूरगामी परिणाम हो।

चीन पर, 50 से सौ फीसदी निर्भरता।

भारत से चीन सहित विश्व के अलग अलग देशों से दबाव बनाने के लिए करीब सात सौ तरह की मौलिक आयात होते हैं सबसे ज्यादा करीब तीन सौ अठहत्तर तरह के मौलिक चीन से ही आयात होते हैं अट्ठारह के मौलिक ऐसे है जिसके लिए पचास से सौ फीसदी चीन पर ही निर्भरता है इसमें एंटीबायोटिक्स एंटी डायबिटीज विटामिन बेसिक स्टेरॉयड एंटी टी वी एंटी मलेरिया हृदय संबंधी बीमारी की दवा एंटी पार्किंसन डायरिया प्रमुख हैं पेनिसिलिन जी का स्टॉक दो माह और पेरासिटामोल बनाने के लिए वो मैटेरियल का स्टॉक एक माह का है हालांकि बनी हुई दवा 304 माह, के लिए बचा है।

रविवार, 8 मार्च 2020

कोरोना वायरस से लड़ने में महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता पुरुषों से बेहतर। 




कोरोना वायरस। को लेकर चाइनीज सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अब तक की सबसे बड़ी स्टडी की है।इसमें पता चला। है कि महिला, और पुरुष समान रूप से इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन वायरस से लड़ने के मामले में महिलाओं का इम्यून सिस्टम बेहतर साबित हो रहा है। वायरस से प्रभावित पुरुषों की मृत्यु दर 2.8% है, जबकि महिलाओं में मृत्यु दर 1.7% है। महामारियों से लड़ने के मामले में महिलाएं और उनका इम्यून सिस्टम हमेशा से ही बेहतर रहा है। 2003 में हांगकांग मैं सोर्स वायरस फैलने के दौरान भी यही तथ्य सामने आया था। जब मिडिल ईस्ट लैबोरेट्री सिंड्रोम (एमआईआरएस) फैला था, तब भी प्रभावितों में से 32% पुरुषों और 26 % महिलाओं की मौत हुई थी। 1918 में फैली इन्फ्लुएंजा महामारी के दौर से ही महिलाओं का इम्यून सिस्टम बेहतर साबित हो रहा है। जौन शॉपिंग ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ कई वैज्ञानिक सावरा क्लाइंट कहती हैं कि स्वस्थ तंत्र पर होने वाले वायरल इंफेक्शन के मामले में यह बात-बार सामने आई। है कि पुरुषों, का इम्यून सिस्टम कमजोर होता। है महिलाएँ इन वायरस से बेहतर तरीके से लड़ पाती। हैं वक्त सी नेशन का भी महिलाओं पर बेहतर असर होता है।

























महिलाओं के बेहतर इम्यून सिस्टम पर की शोध चल रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिक अभी यह पता नहीं कर पाए हैं कि इसका क्या कारण है। इम्यून सिस्टम बेहतर होने का एक कारण सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन भी हो सकता है। एक तथ्य यह भी है कि महिलाओं में दो एक्स क्रोमोसोम होते हैं और पुरुष में एक। एक्स क्रोमोसोम रोग प्रतिरोधक क्षमता से संबंधित जिन है। साथ ही महिलाएं सेहत के मामले में पुरुषों से ज्यादा सजग होती है। उनमें नशे की आदत कम होती है। जैसे- धूम्रपान करने वाले सबसे बड़ी आबादी चीन में हैं। यहाँ 31 करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं, जो दुनिया में धूम्रपान करने वाले  का एक तिहाई है। इसमें महिलाओं का हिस्सा 2% है। 

self value😎😎😎

खुद की कीमत (सेल्फ वैल्यू)  दुनिया में हर चीज की कीमत होती हैं , यह बात सब को पता है।  हर चीज की कीमत भी तय की जा सकती हैं , कीमत बदली भी  ज...