मंगलवार, 23 जून 2020

वीर चक्र विजेता भागकर की गौरव गाथा। कारगिल युद्ध 12 जून 1999

वीर चक्र विजेता भागकर की गौरव गाथा, करगिल युद्ध में सबसे पहले 12 जून 1999 की रात को जीती थी तोलोलिंग पहाड़ी।


सेना का प्रक्रम देख तोलोलिंग से भाग छुटे थे पाकिस्तानी।
करगिल युद्ध में 1999 में तोलोलिंग पहाड़ी को दुश्मनों से मुक्त करवाते समय शहीद हुए। वो रावण के वीर चक्र विजेता सूबेदार भंवरलाल भाकर के 21 वें शहादत दिवस पर उनके ग्राम रेवड़ी में, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा होगी भागकर दो राजपूताना रायफल्स में सूबेदार थे। उन्होंने 12 जून 1999 की रात तोलोलिंग पर दुश्मनो के बंकरों को नष्ट कर अद्भुत शौर्य दिखाया था।

तोलोलिंग की पहाड़ी पर तिरंगा फहराने वाले शहीद भंवरलाल भागकर के साथी झुंझुनूँ हॉल जयपुर निवासी नायक दिगेंद्र, कुमार ने बताया कि हमारी टुकड़ी में 10 जवान शामिल थे। 1999 में, कारगिल की पहाड़ियों पर खड़े लड़े गये। युद्ध मे पाक सेना पहाड़ी चोटी से तथा भारत की सेना जमीन से युद्ध कर रही थी, भारत की तरफ से लगभग 80 सैनिक फॉलो लिंक पहाड़ी मुक्त करवाने के प्रयास में वीर गति को प्राप्त हो चुके थे।

ऐसे में तत्कालीन जनरल ने पहाड़ी को जीतने का टास्क टू राजपूताना राइफल्स को दिया बटालियन ने, कर्नल रवींद्रनाथ से चुनिंदा एथलीटों और ऑफिसर्स की, चार टीमें बना तो लो लिंक के पहाड़ी जीतकर गिफ्ट के रूप में देने, को कहा। सबसे आगे की, टुकड़ी में, यह काम कमांडो टीम, मेजर विवेक गुप्ता, सूबेदार भंवरलाल भाकर सुविधा, सुमेर सिंह राठौड़ नायक, सुरेंद्र नायक, चमन सिंह, लांस नायक बच्चन सिंह सी एम एस जसवीर सिंह, लांस नायक जसवीर सिंह, हवलदार सुल्तान, सिंह नरवरिया एवं नायक दिगेंद्र कुमार को सौंपा।

इस दौरान उनके शरीर में भी, पांच गोलियां लगी। है भारतीय सेना, के, नौ सदस्यों, के वीर गति को प्राप्त होने, के, साथ, पाकिस्तान के, पहाड़ी पर बैठे। सभी 78 सैनिक मारे गये। शरीर में पाँच गोलियाँ लगने के कारण उन्हें विमान द्वारा श्रीनगर, के, सेना चिकित्सालय में लाया। गया यहां आने, पर, भारत, के, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने बताया, कि उनके अकेले के हाथों 48, पाकिस्तान, नहीं सैनिक मारे गए।

12 जून को तोलोलिंग के पहाड़ी पर चढ़े तेरा को विजय श्री।
जांबाज दिगेंद्र कुमार ने बताया। कि तोलोलिंग विजय के, लिए, नीचे से, दूसरी टीम, ने, तोपो, के मुँह दुश्मन सैनिकों, के, बंकरो, की तरफ खोल दिये, जिसका लाभ लेते हुए सभी 10, लोग, रस्सी, के सहारे गोलों, के नीचे से होते हुए पहाड़ी पर चढ़ गये तथा 12 जून की, रात्रि को तोलोलिंग के, पहाड़ी पर आक्रमण करते हुए तेरा जून की सुबह को ही विजय श्री प्राप्त कर पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा झंडा, प्यारा दिया, पाकिस्तानी सेना, ने फॉलोइंग पहाड़ी की, चोटी पर जो बंकर बना रखे थे उसमें से पहला बनकर उन्हें ही नष्ट करना, था और। ऐसा किया भी इस दौरान पहाड़ी पर बने सभी 11 बंकर नष्ट किये गये। बोलीवुड, के सहित भाग करने, भी, अदभुत हुई एकता दिखाई भागकर सहित नौजवान दुश्मनों, का खात्मा करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। 13 जून के सुबह हमने तो लो लिंक की पहाड़ी, पर, तिरंगा झंडा फहरा दिया इस पहाड़ी पर विजय पाने, के दौरान भारतीय सैनिकों ने जो जज्बा दिखाया वह अदभुत था।

शनिवार, 13 जून 2020

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम।

जयपुर में बनेगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम, आरसीए ने बोर्ड को लिखा पत्र।

75 हजार दर्शक क्षमता होगी, 350 करोड़ रुपये में होगा पहले फेज का निर्माण।

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम। वैभव गहलोत जब से आरसीए के अध्यक्ष बने हैं। तब से उनका एक ही लक्ष्य रहा है कि राजस्थान क्रिकेट संघ का अपना खुद का स्टेडियम हो। इनके कारण अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही इन्होंने पूर्व आईएएस जी.एस. संधू को इसका जिम्मा सौंपा और आरसीए में ही उनका ऑफिस बना दिया। सूत्रों के अनुसार माना जा रहा है कि आरसीए ने इस संबंध में बीसीसीआई को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में बीसीसीआई से 75 हजार क्षमता के स्टेडियम के लिए 100 करोड़ रुपये की ग्रांट और आरसीए का बकाया 90 करोड़ देने के लिए कहा है। नक्शा वगैरह भी इस पत्र के साथ बीसीसीआई को भेजा गया है। 24 महीने में ही 45 हजार दर्शक क्षमता के पहले फेज का निर्माण कार्य कराया जायेगा।




चौंप में 41.47 हेक्टर जमीन लगभग फाइनल।


स्टेडियम के लिए चौंप गांव में 41.47 हेक्टेयर भूमि लगभग फाइनल कर ली गई है। प्रॉजेक्ट के डिजाइन बनाने का काम भी मेहता एंड एलएलपी को दिया जा चुका है। लगभग 350 करोड़ रुपये के खर्च से बनाया जायेगा। आरसीए ने बीसीसीआई को पत्र भेजा कि 120 दिन में स्टेडियम का काम शुरु कर दिया जाये, और 24 महीने में स्टेडियम का पहला फेज पूरा कर लिया जायेगा।
विश्व में दो स्टेडियम एक लाख क्षमता के : विश्व के दो स्टेडियम में एक लाख से एक लाख से ज्यादा क्षमता के हैं। सूरत के मोटरों की क्षमता 1.10 लाख है जबकि ऑस्ट्रेलिया, के, मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम, की क्षमता 1.02 लाख हैं। तीसरे नंबर पर आरसीए का स्टेडियम होगा।




कहाँ से आएँगे साढ़े 300 करोड़?

  1. 90 करोड़ बीसीसीआई पर बकाया।
  2. सौ करोड़ वोट बोर्ड। देती है ग्रांट।
  3. सौ करोड़ रूपये लोन लेगा।
  4. 60 करोड़ रूपये स्टेडियम के, कॉरपोरेट बॉक्स बेचकर इकट्ठा होंगे।

निम्न फैसिलिटीज होंगी।


  • अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेन ग्राउंड।
  • द्रोह दो। प्रैक्टिस ग्राउंड। जिसमें रणजी मैच भी हो सके।
  • वर्ल्ड क्लास क्रिकेट एकेडमी।
  • क्लब हाउस।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम।


रविवार, 7 जून 2020

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में, 17 लाख अभ्यर्थियों का इंतजार हुआ खत्म।

5500 पदों के लिए दो दिन मे चार पारियों में होगी परीक्षा।

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में, कांस्टेबल भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पुलिस मुख्यालय से खुशखबरी कांस्टेबल के 5500 पदों के लिए भर्ती परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में हो सकती। है इसके लिए मुख्यालय ने जिलों में सेंटर चयनित कर दिए हैं।

इस भर्ती के लिए रिकॉर्ड 17 लाख आवेदन आये। हैं ऐसे में भर्ती परीक्षा दो दिन में चार पारियों में कराई जाएगी। परीक्षा ऑफलाइन होगी भर्ती प्रक्रिया को पूरी करने का जिम्मा संभाल। रहे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीजू जॉर्ज जोसफ का कहना है कि जून में। शिक्षा बोर्ड व जुलाई में सीबीएसई की परीक्षा है इस कारण कोनसा भी भर्ती परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में कराने की तैयारी है। है।


भर्ती परीक्षा के लिए सोशल डिस्टेंस सिंग के पालना को देखते हुए पहले चयनित किए गए परीक्षा सेंटर्स की तुलना में अब डेढ़ गुना ज्यादा सेंटर चुने गए हैं। गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय भर्ती परीक्षा में में कराने की पूरी तैयारी कर चुका था लेकिन करुणा संक्रमण के चलते परीक्षा नहीं हो सकी थी।


कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में, 17 लाख अभ्यर्थियों का इंतजार हुआ खत्म।

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खुद की कीमत (सेल्फ वैल्यू)  दुनिया में हर चीज की कीमत होती हैं , यह बात सब को पता है।  हर चीज की कीमत भी तय की जा सकती हैं , कीमत बदली भी  ज...