वीर चक्र विजेता भागकर की गौरव गाथा। कारगिल युद्ध 12 जून 1999

वीर चक्र विजेता भागकर की गौरव गाथा, करगिल युद्ध में सबसे पहले 12 जून 1999 की रात को जीती थी तोलोलिंग पहाड़ी।


सेना का प्रक्रम देख तोलोलिंग से भाग छुटे थे पाकिस्तानी।
करगिल युद्ध में 1999 में तोलोलिंग पहाड़ी को दुश्मनों से मुक्त करवाते समय शहीद हुए। वो रावण के वीर चक्र विजेता सूबेदार भंवरलाल भाकर के 21 वें शहादत दिवस पर उनके ग्राम रेवड़ी में, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा होगी भागकर दो राजपूताना रायफल्स में सूबेदार थे। उन्होंने 12 जून 1999 की रात तोलोलिंग पर दुश्मनो के बंकरों को नष्ट कर अद्भुत शौर्य दिखाया था।

तोलोलिंग की पहाड़ी पर तिरंगा फहराने वाले शहीद भंवरलाल भागकर के साथी झुंझुनूँ हॉल जयपुर निवासी नायक दिगेंद्र, कुमार ने बताया कि हमारी टुकड़ी में 10 जवान शामिल थे। 1999 में, कारगिल की पहाड़ियों पर खड़े लड़े गये। युद्ध मे पाक सेना पहाड़ी चोटी से तथा भारत की सेना जमीन से युद्ध कर रही थी, भारत की तरफ से लगभग 80 सैनिक फॉलो लिंक पहाड़ी मुक्त करवाने के प्रयास में वीर गति को प्राप्त हो चुके थे।

ऐसे में तत्कालीन जनरल ने पहाड़ी को जीतने का टास्क टू राजपूताना राइफल्स को दिया बटालियन ने, कर्नल रवींद्रनाथ से चुनिंदा एथलीटों और ऑफिसर्स की, चार टीमें बना तो लो लिंक के पहाड़ी जीतकर गिफ्ट के रूप में देने, को कहा। सबसे आगे की, टुकड़ी में, यह काम कमांडो टीम, मेजर विवेक गुप्ता, सूबेदार भंवरलाल भाकर सुविधा, सुमेर सिंह राठौड़ नायक, सुरेंद्र नायक, चमन सिंह, लांस नायक बच्चन सिंह सी एम एस जसवीर सिंह, लांस नायक जसवीर सिंह, हवलदार सुल्तान, सिंह नरवरिया एवं नायक दिगेंद्र कुमार को सौंपा।

इस दौरान उनके शरीर में भी, पांच गोलियां लगी। है भारतीय सेना, के, नौ सदस्यों, के वीर गति को प्राप्त होने, के, साथ, पाकिस्तान के, पहाड़ी पर बैठे। सभी 78 सैनिक मारे गये। शरीर में पाँच गोलियाँ लगने के कारण उन्हें विमान द्वारा श्रीनगर, के, सेना चिकित्सालय में लाया। गया यहां आने, पर, भारत, के, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने बताया, कि उनके अकेले के हाथों 48, पाकिस्तान, नहीं सैनिक मारे गए।

12 जून को तोलोलिंग के पहाड़ी पर चढ़े तेरा को विजय श्री।
जांबाज दिगेंद्र कुमार ने बताया। कि तोलोलिंग विजय के, लिए, नीचे से, दूसरी टीम, ने, तोपो, के मुँह दुश्मन सैनिकों, के, बंकरो, की तरफ खोल दिये, जिसका लाभ लेते हुए सभी 10, लोग, रस्सी, के सहारे गोलों, के नीचे से होते हुए पहाड़ी पर चढ़ गये तथा 12 जून की, रात्रि को तोलोलिंग के, पहाड़ी पर आक्रमण करते हुए तेरा जून की सुबह को ही विजय श्री प्राप्त कर पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा झंडा, प्यारा दिया, पाकिस्तानी सेना, ने फॉलोइंग पहाड़ी की, चोटी पर जो बंकर बना रखे थे उसमें से पहला बनकर उन्हें ही नष्ट करना, था और। ऐसा किया भी इस दौरान पहाड़ी पर बने सभी 11 बंकर नष्ट किये गये। बोलीवुड, के सहित भाग करने, भी, अदभुत हुई एकता दिखाई भागकर सहित नौजवान दुश्मनों, का खात्मा करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। 13 जून के सुबह हमने तो लो लिंक की पहाड़ी, पर, तिरंगा झंडा फहरा दिया इस पहाड़ी पर विजय पाने, के दौरान भारतीय सैनिकों ने जो जज्बा दिखाया वह अदभुत था।

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